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—याज्ञवल्क्य (स.ना.याज्ञवल्क्य) संपादक

स्वागत-2022: घने कोहरे के बीच सकारात्मकता और संवाद के साथ सफर

बीता समय सभी के लिए बहुत कठिन रहा है। हमारी आकांक्षाएं और योजनाएं विपरीत स्थितियों के सामने बेबस दिखे और और हम आगे बढना तो दूर, जो था, उसे खोते रहे। खोने का यह क्रम इतना भयावह रहा है कि हमारे सपनों के साथ हमारे अपने भी खोते गए। हमारा…
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