अमेरिका— गाय से लिपटकर दूर कर रहे कोरोना महामारी का तनाव

न्यूयॉर्क। कम समय का तनाव का असर भी लंबे समय तक रहता है और कोराना ने तो सभी को लंबे समय का तनाव दिया है। अधिकांश लोग अनमनेपन के साथ ही कई मानसिक बीमारियों की भी चपेट में हैं। इनसे उबरने के लिए अमेरिका में गायों के साथ गले लगकर यही चैन हासिल करना काफी चर्चित हो रहा है। भारत में, खासकर ग्रामीण इलाकों में गायों पर हाथ फेरना आम बात है लेकिन अमेरिका में लोग इसके लिए पैसे खर्च करने को तैयार हैं। इसे ‘काउ कडलिंग'(Cow cuddling) नाम दिया गया है

‘काउ कडलिंग’ में गाय के गले लगा जाता है, उसे प्यार से सहलाया जाता है, उसके सहारे लेटा जाता है। इस तरह तनाव, चिंता, डर और बेचैनी को कम करने का प्रयास किया जाता है। इसे थेरेपी के तौर पर नीदरलैंड्स में शुरू किया गया माना जाता है और कोरोना वायरस की महामारी के बीच अमेरिका में इसका चलन बढ़ गया है। खासकर तब जब इंसान एक-दूसरे के गले नहीं लग सकते हैं।

अमेरिका के हवाई, न्यूयॉर्क, टेक्सास और लॉस एंजिलिस में यह अधिक प्रचलित हो रहा है। कई संगठन इसके लिए काम कर रहे हैं। ऐसे स्थानों पर जहां बचाव करके सुरक्षित की गई गायों को रखा जाता है, वहां देखा गया कि ये गायें भी लोगों की ओर प्यार जताती हैं। कुछ जगहों पर लोग एक घंटे के लिए 200 डॉलर तक चुकाते हैं। इस रुपये से गायों की देखभाल की व्यवस्था की जाती है।

इस संबंध में संवाद माध्यमों में कहा जा रहा है कि जानवरों के गले लगने से ऑग्जिटोसिन हॉर्मोन निकलता है, जिससे आराम और शांति जैसा महसूस होता है। जानवरों में भी इसका असर देखा गया है। 2007 में ‘अप्लाइड ऐनमिल बिहेवियर साइंस जर्नल’ में एक अध्ययन में कहा गया था कि गायों को गले के ऊपर और पीठ पर हाथ फेरने से उन्हें भी शांति मिलती है और उनके कान पीछे की ओर हो जाते हैं।

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