मध्यप्रदेश में आसमान छू रहे सब्जियों के दाम

MP Vegetable Price: थाली से गायब हो रहीं सब्जियां:बढ़ती कीमतों ने सब्जियों को लोगों की पहुंच से किया दूर: भाव सुनकर भाग जाते हैं ग्राहक

भोपाल/रायसेन/बरेली। सब्जियों के दाम इन दिनों आसमान छू रहा है। टमाटर से लेकर धनिया— मिर्च तक कई सब्जियां तीन अंकों में पहुंच गई हैं। बारिश के इस मौसम में मांग और सप्ताई कम होने को सब्जी के दामों में उछाल की स्थिति बनी हुई है।

भोपाल सहित मध्यप्रदेश में कई स्थानों पर लाल टमाटर 100 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। इसके साथ साथ धनिया और मिर्च भी 200 से 300 रुपए किलो बिक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आलू और प्याज की कीमतें 40 और 50 रुपए प्रति किलो पर रूक गई हैं।

इसलिए मंहगे हुए टमाटर
टमाटर की बढ़ती कीमतों के बारे में कहा गया है कि इस मौसम में यह एक आम बात है। इसका कारण यह है कि इन दिनों तक प्रदेश में टमाटर की फसल खत्म हो जाती हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले टमाटर पर ही निर्भरता रहती है। वैसे भी टमाटर नाजुक होता है और जल्दी खराब हो जाता है। यह समय से नहीं बिक पाया तो सड़कर खराब हो सकता है। एक से दूसरे स्थान तक लाने— ले जाने में भी खराब हो जाता है। इसलिए व्यापारी कम मात्रा में ही बाहर से टमाटर बुलाते हैं।

मंहगाई से परेशान हैं लोग
दूध, दाल और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में वृद्धि ने पहले से ही आम लोगों को परेशान कर रखा है। अब टमाटर, धनिया, मिर्च, आलू और प्याज की कीमतों में उछाल ने परेशानी और अधिक बढा दी है। इन सब्जियों का उपयोग गरीब हो या अमीर हर घर में होता है। बारिश के मौसम में सब्जियों की कीमतें बढ़ती हैं। पर इस बार बाकी सब्जियों पर भी मंहगाई का ज़्यादा असर होने वाला है, क्योंकि आलू और प्याज़ की कीमतें कुछ महीने पहले से ही बढ़नी शुरू हो गई थीं।
बाकी सब्जियां भी चाहे वह करेला हो या शिमला मिर्च, 80 रुपए किलोग्राम या उससे ज़्यादा ही बिक रही हैं।

कब कम होंगे सब्जियों के दाम
यह समझने का प्रयास किया गया कि सब्जियों के दाम कब कम होंगे। इस सवाल पर सब्जी मंडी के जानकारों का कहना है कि इसमें समय लगेगा। सब्जियों की कीमतें गर्मी और बरसात दोनों मौसम में ऊंची रहती हैं। अगर भारी बारिश होती है तो कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। अभी सब्जियों के दाम में कमी आने की कोई संभावना नहीं दिखती है।

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