दुनिया पर आ सकता है फिर बडा संकट

ज्योतिष— क्या होगा धूमकेतु का उदय? ग्रहों की स्थिति करेगी संपूर्ण विश्व को प्रभावित

— राकेश मेहरा
(बरेली कार्यालय)
बरेली (रायसेन)। ग्रहों की स्थिति संपूर्ण विश्व को प्रभावित करती है। जव भी क्रूर ग्रह अन्य ग्रहों से युति कर प्रभावशाली होते हैं तो दुनियां में कई अप्रत्याशित घटनाऐं और दुर्घटनाऐं सामने आती हैं। ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति के आधार पर प्राकृतिक अथवा मानव जन्य आपदा का अनुमान लगाया जाता है।ज्योतिष के ग्रथों के अनुसार जव भी धीमी गति वाले ग्रहो शनि, राहु, केतु, गुरू का संयोग बनता है तव -तव कुछ न कुछ बदलाव अवश्य ही देखने को मिलते है। इस बार यह योग 30 मार्च 2025 को बन रहा है (जो कुण्डली क्रमांक 01 में दर्शाया गया है), जिसमें 6 ग्रह एक साथ युति में आने वाले हैं, जो मीन राशि में रहेंगे। विशेषतः शनि, राहु जो धीमी गति से चलने वाले और क्रूर ग्रह का दर्जा प्राप्त हैं, जिसके साथ बुध और शुक्र वक्री रहेंगे जिसमें बुध अपनी नीच राशि और शुक्र अपनी उच्च राशि में भ्रमण करेंगे। साथ ही सूर्य और चंद्र भी रहेंगे जिन्हे लग्न का दर्जा प्राप्त है। इस तरह से 6 ग्र्रह एक साथ युति में रहेंगे। केतु की नवम व शनि की तृतीय दृष्टि गुरू पर रहेगी, शुक्र गुरू का राशि परिवर्तन योग जिसमें छह ग्रहों से अधिष्ठित गुरू शुक्र की वृष राशि में रहेगे और मंगल की केतु पर चतुर्थ दृष्टि इस स्थिति को और भी दुर्घटनाकारक बना रही है। सूर्य, चंद्र, राहु की युति चन्द्र ग्रहण योग भी बना रही है।

भयाभय थी 6 ग्रहों की युति ऐंसी स्थिति दुनियां के लिए हितकर नहीं, ऐंसी ही स्थिति कुंडली क्रमांक -2, दिनांक 26 दिसंबर 2019 को बनी थी। जव 6 ग्रह युति में आये थे जिनमें शनि, गुरू, केतु के साथ सूर्य, बुध और चंद्र थे जव कोरोना वायरस से दुनियां पीडित हुई थी और कई लोगों की असमय मृत्यु हुई थी, व आस्ट्रेलिया के जंगल में लगी आग से लाखों पशु जल गये थे।

यह हुआ था 1996 मेंइससे पहले 20 मार्च1996 में पाॅंच ग्रह शनि, केतु, सूर्य, चंद्र और मंगल की युति गुरू की राशि मीन में हुई थी, जो कुण्डली क्रमांक 03 में देखने को मिल रही है। मार्च 1996 में हुऐ घटनाक्रम की जानकारी देखें तो पता चलेगा ऐंसी कई घटनाऐं हुई जो इस युति का दुष्परिणाम बताता है। जव आकाशमंडल में धूमकेतु का उदय हुआ था और उसी समय एक विमान क्रेश हुआ जिसमें 300 से अधिक लोगों की जान गई थी। अटल जी की 13 दिन की सरकार भी इसी समय गिरी थी। पाक का नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी और तनाव तेजी से बढा था। ऐंसी ही कई तनावपूर्ण और दुर्घटनाकारण स्थितियां बनी थी जो मंगल, केतु और सूर्य जैसे ग्रहों के साथ पंचग्रही योग में बने थे।

15 अगस्त 1947 को बना था पंचग्रही योगकुण्डली क्रमांक- 04 जो कि 15 अगस्त 1947 में बनी थी जव पांच ग्रह सूर्य, बुध, शुक्र, शनि, चंद्र एक साथ आये थे, जो गुरू से केन्द्र में और केतु की पूर्ण दृष्टि में थे जव तीन देश भारत, पाकिस्तान और अमेरिका स्वतंत्र हुऐ और कई आंदोलनकारी क्रान्तियां हुई थी, जिसे संपूर्ण विश्व जानता है।

क्या बन रही है 30 मार्च 2025 को स्थिति
वैसी ही स्थिति 30 मार्च 2025 में बनी है। चूंकि यह अल्प समय के लिए है लेकिन ऐंसी स्थिति भी धूमकेतु के उदय और इन छह ग्रहों की युति के कारण विश्वव्यापी घटनाओं की और इशारा कर रही है। जिसमें अग्नि काण्ड और जहरीली गैस या परमाणु संबंधित प्राकृतिक घटनाओं के योग बन रहे हैं, इसके साथ ही किसी बडी विश्वव्यापी आपदा के भी संकेत ग्रहों की स्थिति से मिल रही है। कई देशों में इस अवधि में अप्रत्याशित घटनाक्रम और टकराव की भयंकर स्थितियां भी देखने को मिलेगी। किसी बडे नामी नेता के मृत्यु योग भी हैं। विश्वयुद्ध या गृहयुद्ध जैसी स्थितियां भी बनेंगी।
(-राकेश मेहरा (ज्योतिष सलाहकार) 9752131741)

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