किसान आंदोलन— सरकार से कृषि कानूनों को रद्द करने संसद के विशेष सत्र की मांग

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। किसान नेताओं ने कहा है कि अगर कृषि कानूनों से जुड़ी उनकी समस्याओं का हल नहीं होता है तो फिर वे और कदम उठाएंगे।

किसानों के नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तो हम दिल्ली की और सड़कों को ब्लॉक करेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी तो हम और कदम उठाएंगे। किसान नेता दर्शन पाल ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि केंद्र को नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए। उन्होने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र किसान संगठनों में फूट डालने का काम कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे पहले करीब 32 किसान संगठनों के नेताओं ने सिंघू बॉर्डर पर बैठक की जिसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए।

इधर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को एक बार फिर से कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों के हितों में बताते हुए कहा कि इन्हें लंबे इंतजार के बाद लागू किया गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं किसानों से अपील करता हूं कि कानून उनके हित में हैं और सभी सुधारों को लंबे वक्त के बाद लागू किया गया है। लेकिन, यदि उन्हें कुछ भी समस्या है, तो फिर सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार है।

 

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