मप्र: मंदिरों के 500 मीटर की परिधि से हटेंगी शराब दुकानें

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मंदिरों के 500 मीटर की परिधि से शराब दुकानें हटेंगी। नई आबकारी नीति में यह प्रावधान हो रहा है कि मंदिर के 500 मीटर की परिधि में शराब दुकान नहीं खोली जा सकेगी। सरकार वर्ष 2023-24 की नीति में दुकानों का नवीनीकरण 10 प्रतिशत शुल्क अधिक लेकर करेगी।

प्रदेश में एक अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होगी। वाणिज्यिक कर विभाग इसकी तैयारियों में लगा है। मुख्यमंत्री के साथ विभागीय अधिकारियों की एक दौर की बैठक हो चुकी है। संकेत मिल रहे हैं कि नई आबकारी नीति में मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों से पांच सौ मीटर की परिधि में शराब दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभी 50 मीटर के दायरे में शराब दुकानें नहीं खोलने का प्रावधान है लेकिन इसका भी पालन नहीं हो रहा है।

प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सहित अन्य लोगों द्वारा धार्मिक स्थल, स्कूल और अस्पतालों के आसपास शराब दुकान और अहाता नहीं होने की मांग की जाती रही है। आबकारी विभाग भी इससे सहमत है और नई नीति में यह प्रावधान प्रस्तावित किया जा रहा है। लाइसेंस नवीनीकरण पर ऐसी सभी दुकानों को अन्यत्र स्थानांतरित करना होगा।

कंपोजिट दुकान (देसी और विदेशी शराब की बिक्री एक ही दुकान से करना) की व्यवस्था जारी रखी जाएगी। दुकान संचालन का पहला अधिकार वर्तमान ठेकेदार को मिलेगा। इसके लिए लाइसेंस का वर्ष 2022-23 की दर से अधिक शुल्क नवीनीकरण में चुकाना होगा। यह 10 प्रतिशत तक हो सकता है। जिन दुकानों का नवीनीकरण नहीं होगा, उनकी नीलामी छोटे समूह बनाकर की जाएगी। इस प्रक्रिया को आनलाइन रखा जाएगा, ताकि पारदर्शिता रहे। नशामुक्ति के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाए जाने का प्रावधान भी नीति में रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूर्व की घोषणा को मद्देनजर रखते हुए इस बार भी नई दुकान नहीं खोली जाएगी।

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