आयुष्मान भारत की तर्ज पर केंद्र सरकार ला रही योजना

गांवों में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद


नई दिल्ली। देश के गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सभी को पता है। अब केंद्र सरकार की एक योजना से इनमे सुधार की उम्मीद की जा सकती है। आयुष्मान भारत की तर्ज पर केंद्र सरकार ग्रामीण भारत के स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को खड़ा करने के लिए आयुष्मान सहकार योजना शुरू करने जा रही है। आयुष्मान सहकार योजना ग्रामीण भारत में अस्तपाल, नर्सिंग होम, ब्लड बैंक आदि के प्रौद्योगिकी व बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। इसके लिए सरकार साढ़ आठ लाख सहकारी समितियों को कम ब्याज दर पर 10,000 करोड़ रुपये का कर्ज मुहैया कराएगी। इसके अलावा सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

कृषि मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार को आयुष्मान सरकार योजना का वेबिनार के जरिए देशव्यापी शुभारंभ कर सकते हैं। इस योजना का बजट 10,000 करोड़ रुपये होगा। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के माध्यम से सहकारी समितियों को कर्ज मुहैया कराया जाएगा। इनके माध्यम से अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा, मोबाइल क्लीनिक सेवा, प्रयोगशालाएं, फिजियोथेरेपी सेंटर, पैरामेडिकल शिक्षा क्षेत्र केविकास के लिए बुनियाढी ढांचा खड़ा किया जाएगा। अस्पतालों के निर्माण, आधुनिकीकरण, विस्तार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण आदि कार्य किए जाएंगे। धन के अभाव में ग्रामीण लोगों को सस्ती और समग्र स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। इसके अलावा सहकार समितियां आयुष सुविधाओं को बढ़ावा देना, शिक्षा, सेवा, बीमा आदि गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम करेगी। बताया गया है कि सहकारी समितियों को कर्ज अधिकतम आठ साल के लिए दिया जाएगा। जिन समितियों में महिलाओं की संख्या अधिक होगी उन्हें सस्ती ब्याज दर व अधिक सब्सिडी दी जाएगी।

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